बीते कुछ दिनों से भारत और भारतीय जैसे निस्वार्थ साहस का पर्याय बन गए हैं। यह सब हुआ एक भारतवंशी पायलट कैप्टन स्मित मछार के कारण जिन्होंने अवीव जाने वाली फ्लाइट FZ1073 में साहस का परिचय देकर अपने साथ लगभग 180 यात्रियों की बचाई।

हुआ ये कि दिनांक 30 सितम्बर 2026 को सुबह 8:30 बजे, फ्लाई दुबई एयरलाइन्स की फ्लाइट सं. FZ 1073 ने दुबई से इस्राईल के तेल अवीव जाने के लिए उड़ान भरी। सभी ठीक चल रहा था। सभी यात्री जैसे अपने गंतव्य जाने के लिए उत्साहित थे। यात्रा की थकान ने जैसे उन्हें लापरवाह कर दिया था। तभी लगभग 10:51 पर साथी सह-पायलट जो कि ओमान से था तथा इस्लामी कट्टरवाद से प्रेरित था; ने विमान को साउदी अरब के सीमावर्ती इलाकों पर क्रैश करवाकर, 9/11 जैसी साजिश को अंजाम देने की कोशिश की। जब मुख्य पायलट स्मित मछार ने उसे रोकना चाहा तो उस अतिवादी ने उनपर पास में रखी क्रैश एक्स से हमला कर दिया। एसे में विमान सीधा नीचे आने लगा और पायलट स्मित ने तुरंत कोड 7700 भेजा जो आपातकाल का संकेत था। स्तिथि गंभीर होने पर तुरंत कैप्टन स्मित मछार ने कोड 7500 भेजा जो हाईजैक का संकेत था। इसके तुरंत बाद इस्राईल ने अपने लड़ाकू विमान तैनात कर दिए।
वहीं विमान में कैप्टन ने सूझ-बूझ का परिचय देते हुए किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। फ्लाइट में मौजूद एक इस्राइली प्लम्बर यानि हायुन तुरंत आये और उपद्रवी सह-पायलट को हटाकर विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया। उन्होंने कंट्रोल को खींचा जिससे उसका गिरना रुक गया। दूसरे यात्रियों आसफ रजवान और ज़विका मानेस ने उस सह-पायलट पर कब्ज़ा पाया। वहीं डॉ. शोता मुसायेव ने घायल कैप्टन स्मित मछार को प्राथमिक उपचार दिया। वहीं ज़विका की पत्नी ताली मानस ने लोगों को सावधान करने का काम किया। इसके बाद दोपहर 12:13 बजे विमान को मोड़ा गया और साउदी अरब में तबूक के, प्रिंस सुलतान बिन अब्दुल अज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपात लैंडिंग करवाई गयी।
इस घटना ने फिर सिद्ध कर दिया कि भारत और भारतीय किसी भी तरह से दूसरों की जान के लिए लड़ने में पीछे नहीं हैं। वहीँ कैप्टन मछार ने अपने साहस से अपना नाम वीरों में शामिल कर लिया। आज ट्रम्प, नेतन्याहू आदि सब नेता, भारत विशेषकर कैप्टन से मछार की प्रशंसा करते नहीं थकते हैं।

