वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, द्वारा जानकारी दी गई कि पटेलनगर देहरादून निवासी एक पीडित द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी । शिकायतकर्ता ने बताया कि पीएनबी मिडलाइफ इंश्योरेंस में तीन पॉलिसियां थी, लेकिन कुछ कारण के चलते मैं पिछले दो साल से जमा नहीं कर पाया था। अक्टूबर 2025 में उसे अज्ञात साईबर ठग द्वारा फोन कर स्वयं को पीएनबी मिडलाइफ का अधिकारी/कर्मचारी बताकर उसकी बन्द पडी पॉलिसियों को फिर से चालू करने व मुनाफे की बात बताकर अपने हेड बाबू से बात करने को कहा गया जिसके उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा उन लोगों के झांसे में आकर उनके बताये अनुसार विभिन्न खातों में पैसे जमा किये गये बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपने इंश्योरेंस
पॉलिसी के बारे में ऑफिस के कस्टमर केयर से पता किया, तो पता लगा कि उसके साथ अब तक 25,90,000/- रुपये की धोखाधड़ी हो चुकी है। जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस देहरादून द्वारा मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा इस मामले को अतिशीघ्र खुलासे के निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों/हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराध अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की। साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त जिसका नाम सूरज बताया गया है जो नोएडा का रहने वाला है और खास बात यह है कि अभियुक्त की आयु मात्र 21 वर्ष है। इसके अलावा अभियुक्त अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों की बन्द पडी पॉलिसी की जानकारी प्राप्त कर उन्हें चालू करवाकर मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। अभियुक्त से पूछताछ पर पता चला कि वह इस प्रकार की साईबर ठगी में प्राप्त रुपयों को ठिकाने लगाने के लिये अपने बैंक खातों का प्रयोग कर कमीशन के रुप में पैसे प्राप्त करता था, इस काम के लिये अभियुक्त द्वारा अपने नाम से कई खाते खोलकर साईबर ठगी हेतु किराये पर दिये होना अथवा बेच दिये होने की जानकारी प्राप्त हुई है। साईबर थाना देहरादून के उक्त अभियोग में अभियुक्त के 02 खातों में 20 लाख रुपये प्राप्त होना पाया गया है। अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में 42,00000 रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है। साइबर अपराध की धोखाधड़ी में संलिप्त अन्य अभियुक्तो के सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।
पकड़ा गया एक और नशा तस्कर STF को मिली सफलता
















Leave a Reply