राज्य में आगामी चुनाव के मद्देनजर पुनःनिरीक्षण (एस.आई.आर.) में 8,26,977 मतदाता घट गए हैं। अभियान के पहले चरण का काम पूरा होने के बाद मंगलवार को निर्वाचन विभाग ने प्रदेष की मतदाता सूची जारी कर दी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा0 विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। आंकड़ों के अनुसार परिक्षण से पहले मतदाताओं की संख्या 79 लाख 60 हजार 762 थी जो अनंतिम वोटर लिस्ट में घटकर 71 लाख 33 हजार 785 रह गयी है। इस प्रकार कुल 1,86,008 मतदाता कम हुए हैं। इतना ही नहीं करीब 19 लाख लोगों के विवरण में भी विसंगतियां पाई गयी हैं तथा इनके मतदाता सूची में बने रहने पर भी संशय है। इनके लिए भी ई.आर.ओ. के माध्यम से नोटिस जारी कर सुधार का मौका दिया जायेगा। देहरादून सबसे अधिक बदलाव वाला जिला रहा जहाँ पहले के 13,76,813 मतदाताओं के बदले अब 11,90,805 वोटर हैं। यहाँ कुल 1,86,008 मतदाता कम हो गए हैं। राज्य बनाने बाद जिन इलाकों में सबसे ज्यादा आबादी बढ़ी वहीं पर सबसे ज्यादा वोट भी कटे हैं क्योंकि अधिकतर वहां पर निवास करने वाले लोग किरायेदार, अस्थाई नौकरी पेशा लोग एवं दूसरे स्थानों से आये कामगारों के रूप में दर्ज थे। इस तरह सबसे अधिक 29,251 वोट देहरादून की धर्मपुर विधानसभा सीट से कटे हैं। इतना ही नहीं राज्य की 9 अन्य सीटें एसी हैं जिन पर 20 हजार से अधिक वोट कटे हैं। आने वाले चुनावों में ये घटे हुए वोट कई पार्टियों के माथे पर परेशानी ला सकते हैं। एसे ही पर्वतीय जिलों की मतदाता सूची में पलायन का असर दिखता है। पुरोला में 5,309, यमुनोत्री में 5,245 और केदारनाथ में 4,404 वोट कटना चिंताजनक है। लेकिन एक बात साफ है कि यह विसंगति कहीं न कहींअवैध प्रवासियों के मुद्दे की तरफ भी ध्यान दिलाती है।
परन्तु मतदाताओं को परेशान होने की जरुरत नहीं है। इसके बाद ई.आर.ओ. के नोटिस जारी करने के बाद जारी करने के बाद प्रमाणपत्र दिखा कर दोबारा अपना नाम जुड़वा सकेंगे। इतना ही नहीं नए मतदाता भी फॉर्म-6 के माध्यम से ऑफलाइन, बी.एल.ओ के माध्यम से और ऑनलाइन चुनाव आयोग की वेबसाईट से पंजीकरण करा सकेंगे।

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