चम्पावत। कोतवाली चम्पावत क्षेत्र में नाबालिग बालिका को बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत निर्दाेष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने के प्रयास के मामले में पुलिस ने तीन नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वादी राम सिंह रावत की तहरीर के आधार पर कमल सिंह रावत, अर्जिता राय एवं आनन्द सिंह माहरा के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान धारा 16/17 पॉक्सो एक्ट की भी वृद्धि की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों कमल सिंह रावत एवं अर्जिता राय को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। तीसरे आरोपी
के विरुद्ध विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कहा कि कानून का दुरुपयोग करने और समाज में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। दिनांक 08.05.2026 को वादी राम सिंह रावत पुत्र बिक्रम सिंह रावत निवासी ग्राम सल्ली, जिला चम्पावत द्वारा कोतवाली चम्पावत में तहरीर देकर अवगत कराया गया कि दिनांक 06.05.2026 को कमल सिंह रावत पुत्र बची सिंह रावत निवासी ग्राम सल्ली, पोस्ट धौन, थाना एवं जनपद चम्पावत ने ग्राम सल्ली स्थित उनके मकान का ताला तोड़कर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को कमरे के अंदर रस्सी से पैर बांधकर बंधक बनाया तथा बाहर से ताला लगाकर रखा। इसके उपरांत षड्यंत्रपूर्वक उक्त नाबालिग का झूठा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर वादी के पुत्र एवं अन्य दो व्यक्तियों को झूठे पोक्सो मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया गया। तहरीर के आधार पर कोतवाली चम्पावत में अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव द्वारा मामले की निष्पक्ष एवं गहन विवेचना हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। विवेचना के दौरान वादी, गवाहों एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अभियोग में धारा 16/17 पोक्सो एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई। जांच करते हुऐ पुलिस टीम द्वारा कमल सिंह रावत पुत्र, कुमारी अर्जिता राय को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
वहीं चम्पावत की पुलिस ने आम जनमानस और अपराधिक प्रवृति वाले लोगों को चेताया है। उनका कहना है कि जनपद पुलिस महिला एवं बाल अपराधों के प्रति जीरो टोलरेन्स नीति पर कार्य कर रही है। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, झूठे आरोप अथवा कानून के दुरुपयोग को गंभीरता से लेते हुए कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी। आमजन एवं मीडिया बंधुओं से अनुरोध है कि प्रकरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए केवल सत्यापित तथ्यों का ही प्रकाशन तथा प्रसारित करें। पोक्सो एक्ट के अंतर्गत पीड़ित/नाबालिग की पहचान अथवा संबंधित जानकारी साझा करना दंडनीय अपराध है।
चम्पावत मामले में पुलिस ने चेताया और 2 दुष्कर्मियों को किया गिरफ्तार, पुलिस ने कानून की सख्ती से अवगत कराया

















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