चंपावत में सामूहिक दुष्कर्म मामले में षडयंत्र रचने के आरोप में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। षडयंत्र रचने के मामले में कमल रावत, उसकी महिला मित्र और आनंद सिंह माहरा के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने नामजद युवक के पिता की तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा और पॉक्सो एक्ट में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तीनों को अदालत में पेश किया जा रहा है। चंपावत में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में नया मोड़ आया है। एसपी रेखा यादव ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आरोपी कमल रावत ने बदले की भावना से अपनी महिला मित्र के साथ सुनियोजित षडयंत्र के तहत 16 वर्षीय नाबालिग को झूठा प्रलोभन और बहला फुसलाकर अपने बदले की पूर्ति के लिए घटनाक्रम रचा गया था। बताया कि मामले की जांच की जा रही है। नामजद आरोपी समेत अन्य लोग पुलिस कस्टडी में है। पुलिस लाइन में एसपी रेखा ने बताया कि विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पीड़िता ग्राम सल्ली में विवाह समारोह में अपनी इच्छा से अपने दोस्त के साथ गई थी। घटना को पीड़िता की दोस्त की शादी को ही सुनियोजित तरीके से चुना गया। घटना के दिन पीड़िता का विभिन्न स्थानों पर आवागमन और गतिविधियां सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर से पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि कुछ गवाहों के बयान तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मेल नहीं खाते पाए गए। आरोपी कमल, पीड़िता और पीड़िता की महिला मित्र के मध्य घटना तिथि पर असामान्य रूप से बार-बार फोन पर संपर्क पाया गया। जो इनके संलिप्तता की ओर इशारा कर रहा था। एसपी ने बताया कि न्यायालय के समक्ष भी पीड़िता ने अपने बयानों में अपने साथ किसी प्रकार की कोई घटना का घटित होना नहीं बताया। साथ ही पूरी घटना को मनगड़त बताया। एसपी ने बताया कि गवाहों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि हुई कि घटना के दौरान नामजद विनोद सिंह रावत, पूरन सिंह रावत, नवीन सिंह रावत की मौजूदगी भी नहीं पाई गई। एसपी ने बताया कि नामजद लोगों और आरोपी कमल को कस्टडी में लेकर पूछताछ और जांच की जा रही है। पंजीकृत अभियोग में पूर्व में दर्ज धाराओं को बढ़ाया या कम किया जाना है उस पर कार्रवाई की जाएगी। मामला की विवेचना जारी है।
उत्तराखण्डः चम्पावत में 16 वर्षीय लड़की के साथ हुऐ सामूहिक बलात्कार में आया नया मोड़, एस.पी. ने सिरे से खारिज कर दिया आरोप

















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