उत्तराखण्ड/देहरादून। उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ रही नशाखोरी के लिये संजीवनी माइन्ड क्लीनिक का लोर्कापण देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि देहरादून में बढ़ती नशाखोरी की समस्या आज समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। विशेष रूप से युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति न केवल उनके भविष्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि परिवार और समाज की संरचना पर भी

नकारात्मक असर डाल रही है। ऐसे समय में “संजीवनी माइंड क्लीनिक” का शुभारंभ एक सकारात्मक और सराहनीय पहल है, जो नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होने कहा कि मैं इस पहल के लिए क्लीनिक के संस्थापकों और पूरी टीम को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह केंद्र न केवल नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार उपलब्ध कराएगा, बल्कि परामर्श, जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य भी करेगा। मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति के लिए ऐसे संस्थानों की आज अत्यंत आवश्यकता है। देहरादून के माजरा सहारनपुर रोड स्थित
इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुऐ उन्होनें कहा कि हम सभी का दायित्व है कि हम अपने परिवार, समाज और विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता फैलाएँ प्रशासन भी इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें मिलकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त देहरादून बनाने का संकल्प लेना होगा। मुझे विश्वास है कि “संजीवनी माइंड क्लीनिक” जरूरतमंद लोगों के लिए आशा की किरण बनेगा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। मैं एक बार पुनः इस सराहनीय पहल के लिए सभी को शुभकामनाएँ देता हूँ।
देहरादून के माजरा सहारनपुर रोड स्थित क्लीनिक में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सौरभ थपलियाल के अलावा मानसिक रोग और नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ0 संजीवनी पाणिग्राही, गौरव भार्गव आदि कई लोग उपस्थित थे।








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