उत्तराखंड की राजधानी देहरादून, जहाँ एक ओर शांतिपूर्ण वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, वहीं दूसरी ओर अवैध गतिविधियाँ भी दिनों-दिन बढ़ रही हैं। कुठालगेट क्षेत्र, जो मसूरी रोड, देहरादून शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित है, इन दिनों अवैध भूमि कब्जे की समस्या से जूझ रहा है। इन अवैध

कब्जों से स्थानीय प्रशासन को कोई फर्ख नहीं पढ़ रहा है। लेकिन चिंता का विषय यह भी है कि इससे पर्यावरण, नागरिकों के जीवन, और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। कुठालगेट क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से सरकारी और निजी भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। इसमें कई जगहों पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य चलाए जा रहे हैं, जैसा कि हमने बताया यह मामला कुठालगेट के समीप खालागांव से है। खालागांव इसलिये कहा जाता है कि वह एक ऊबर-खाबड़ जगह है, जहाँ पर निर्माण करना आसान नहीं है लेकिन कब्जाधारियों ने इस ऊबड़-खाबड़ जगह पर पुश्ते बना लिये हैं। इसके अलावा, कई बिल्डर्स और व्यावसायिक संस्थाएँ बिना उचित अनुमति के निर्माण कार्यों को अंजाम दे रही हैं, इससे भूमि का गलत तरीके से उपयोग हो रहा है, बल्कि प्रशासन और जिलाधिकारी स्तर पर कोई कार्यवाई नहीं की जा रही है।

















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