आम जनमानस को नहीं पता कि USAATA क्या है। The uttarakhand social audit accountability and transperency ageincy उत्तराखंड सोशल ऑडिट, जवाबदेही और पारदर्शिता एजेंसी (USAATA) वह मुख्य संस्था है जो यह सुनिश्चित करती है कि उत्तराखंड में सरकारी फंड का इस्तेमाल उसी तरह हो, जिसके लिए उसे मंज़ूरी दी गई थी। हालांकि यह ग्रामीण विकास विभाग का एक अहम हिस्सा है, लेकिन एक स्वायत्त संस्था के तौर पर यह अपनी आज़ादी बनाए रखती है।
सोशल ऑडिट यूनिट के असर को अक्सर कागज़ पर पारदर्शिता और जमीनी स्तर पर जवाबदेही के बीच के फ़र्क के तौर पर बताया जाता है। जहां पारंपरिक ऑडिट में बैलेंस शीट देखी जाती है, वहीं सोशल ऑडिट में मानवीय नतीजों पर ध्यान दिया जाता है। सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड। यह सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत रजिस्टर्ड है। इसके प्रमुख उत्तराखंड के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली जनरल बॉडी होती है। इसका प्रबंधन एक डायरेक्टर, फाइनेंस कंट्रोलर और स्टेट कोऑर्डिनेटर (आमतौर पर सोशल सेक्टर में काफी अनुभव रखने वाले व्यक्ति) करते हैं, और उन्हें कर्मचारियों व रिसोर्स पर्सन्स की कई स्तरों वाली टीम का सहयोग मिलता है।
(प्रधानमंत्री आवास योजना) PMAY यह पक्का करना कि घर असल में बेघर लोगों के लिए बनें, न कि ‘फर्जी’ लाभार्थियों के लिए। USAATA ने दिनांकः 05-जून-2026 से अपना कार्य करना शुरू किया था जिसमें मिली जानकारी के अनुसार USAATA को इस संबंध में कई विसंगतियां प्राप्त हुई बताया जा रहा है लेकिन सोसायटी एक्ट में रजिस्टर्ड होने पर मानवीय नतीजों पर ध्यान देना इसे जरूरी माना गया है इसलिये कई विसंगतियां होने के कारण USAATA ने इस पर भी ध्यान दिया है।
बुधवार दिनांकः 10-जून-2026 को संस्था ने ट्रांर्स्पोट नगर में बने पीएमएवाई आवास में रहने वाले लोगों को उसके महत्व के विषय में बताया, लेकिन स्थानीय लोगों ने पानी और अन्य समस्याओं पर संस्था को कहा कि इस प्रकार की समस्याओं का अतिशीघ्र निपटारा किया जाये।
स्थानीय लोगों ने सौर उर्जा की ओर भी ध्यान आकर्षित किया, उनका कहना था कि सरकार ने सौर उर्जा से चलित पावर प्लांट की बात कही थी लेकिन कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर संबंधित विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
















Leave a Reply